अध्याय 64 दो योजनाएँ

जब तक वह दफ़्तर पहुँची, एडलाइन का गुस्सा कुछ कम हो चुका था।

उसने सुना था कि काम की जगह जंग का मैदान होती है, जहाँ कोई किसी को सिर पर नहीं चढ़ाता।

मगर उसने किया ही क्या था—फिर भी निशाना वही क्यों बन रही थी? बस इसलिए कि वह रोनाल्ड की सेक्रेटरी थी?

इन ख़यालों से एडलाइन ने आँसू रोकने के लिए नाक सोंधी...

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